October 2022

Acetaminophen Injection: Zydus Receives Final Approval From the US FDA

29 अक्टूबर 2022 को Zydus ने स्टॉक एक्सचेंजस को बताया कि Acetaminophen injection बनाने के लिए उसे US FDA से अंतिम मंजूरी मिल गई है। Injection of Acetaminophen दर्द को दूर करने और बुखार को कम करने में उपयुक्त है।

Acetaminophen injection Zydus

Final Approval to Market Acetaminophen Injection

अहमदाबाद स्थित Zydus Lifesciences Limited, जिसका कि पुराना नाम Cadila Healthcare Limited है, को United States Food and Drug Administration (USFDA) से Acetaminophen Injection, 1,000 mg/100 mL (10 mg/mL) single-dose vials (USRLD: Ofirmev) के marketing की अंतिम मंजूरी मिल गई है।

Usage of Acetaminophen

हल्के से मध्यम दर्द को दूर करने और बुखार को कम करने के लिए Acetaminophen Injection का उपयोग किया जाता है। इस Injection को मध्यम से गंभीर दर्द से राहत के लिए opioid (मादक) दवाओं के संयोजन में भी उपयोग किया जाता है।

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Estimated Market of Acetaminophen

इस दवा का निर्माण Zydus समूह के भारत में वडोदरा के जारोड (Jarod) स्थित इंजेक्टेबल निर्माण इकाई में किया जायेगा। IQVIA डेटा (IQVIA MAT अगस्त 2022) के अनुसार एसिटामिनोफेन इंजेक्शन की संयुक्त राज्य अमेरिका में 72 मिलियन अमरीकी डालर की वार्षिक बिक्री थी।

Zydus US FDA Approvals

Zydus Cadila के पास अब तक 330 दवाओं के लिए US FDA से अप्रूवल है और कम्पनी ने 428 ANDA (Abbreviated New Drug Application) के लिए अब तक 2003-04 से आवेदन किया है।

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Dabur Acquires Badshah Masala | डाबर ने खरीदा बादशाह मसाला

Dabur Acquires Badshah Masala: 26 अक्टूबर को डाबर ने स्टॉक एक्सचैंजेस को बताया कि Rs 587.52 करोड़ में बादशाह मसाला में 51% हिस्सा खरीद कर 25,000 करोड़ के मसालों के बाजार प्रवेश किया है।

Dabur Acquires Badshah Masala
Dabur Acquires Badshah Masala

Dabur Acquires Badshah Masala

Dabur डाबर इंडिया के चेयरमैन मोहित बर्मन ने बताया कि 31 मार्च 2023 तक Badshah Masala Private Limited का 51% हिस्सा 587.52 करोड़ में खरीदा है। बादशाह मसाला की कुल कीमत Rs 1152 करोड़ बनती है। बाकी 49% हिस्सा 5 साल के बाद खरीदा जायेगा। डाबर ने Rs 401.52 प्रति शेयर के हिसाब से 1,46,32,575 शेयर खरीदे।

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Dabur Acquires Badshah Masala at 19.6x EBIDTA Multiple

FMCG की दिग्गज कंपनी डाबर (Dabur, Scrip Symbol: NSE DABUR, BSE Scrip Code: 500096) ने इस खरीद के लिए FY2022-23 का 4.5x Revenue multiple और 19.6x EBIDTA multiple बादशाह को दिया। डाबर का लक्ष्य अगले 3 साल में अपने Food के कारोबार को Rs 500 करोड़ तक पहुंचाने का है। इस खरीद से डाबर की 25,000 करोड़ के मसालों के ब्रांडेड बाजार में प्रवेश किया।

“The Indian spices and seasoning category is a large and attractive market. Badshah Masala is one of the key players in this space. Our investment in Badshah Masala will help expand this business and continue to provide unmatched quality products. This acquisition will accelerate our growth strategy as we continue to build our Foods business. We intend to leverage our international market presence to grow this business globally.”

Dabur India Ltd Chairman Mr. Mohit Burman

History of Badshah Masala

Badshah Masala को 1958 में Shri Jawaharlal J. Jhaveri and Indiraben Jhaveri में शुरू किया था। 24th January 2021 को बादशाह मसाला प्राइवेट लिमटेड कंपनी बनी उससे पहले यह एक पार्टनरशिप फर्म थी। बादशाह मसाला का 2021-22 का टर्नओवर Rs 189.1 करोड़ था। ‘Badshah Masala’ का कारोबार Ground Spices, Blended Spices and Seasonings का है। कंपनी का कारोबार भारत और बाहर के देशों फैला हुआ है। बादशाह 52 तरह के अलग अलग मसाले बनाता है। कंपनी के दो manufautring units गुजरात के Umargam में हैं।

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AMARAJABAT Out of Futures and Options | Exclusion of F&O contract on AMARAJABAT

30 दिसंबर 2022 से AMARAJABAT Out of Futures and Options. NSE ने circular जारी कर के बताया कि AMARA RAJA BATTERIES LIMITED के Future & Options के नए contract issue नहीं होंगे।

AMARAJABAT Out of Futures and Options
AMARAJABAT Out of Futures and Options

AMARAJABAT Out of Futures and Options

25 अक्टूबर 2022 को National Stock Exchange (NSE) ने Circular No. NSE/FAOP/54192 जारी किया, जिस में बताया गया है कि AMARAJABAT के नए f&o अनुबंध (contract) जारी नहीं किए जायेंगे। इसके लिए NSE ने SEBI के Circular Ref. No: SEBI/HO/MRD/DP/CIR/P/2018/67 Review of Framework for Stocks in Derivatives Segment का हवाला दिया।

Last Date 30 December

NSE ने बताया कि 27 अक्टूबर के बाद AMARAJABAT के नए अनुबंध जारी नहीं किये जायेंगे। पुराने अनुबंध जो कि 27 अक्टूबर, 24 नवंबर, और 29 दिसंबर के हैं वह ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे। निवेशक 29 दिसंबर 2022 तक F&O में AMARAJABAT में सौदे कर पाएंगे। उसके बाद AMARAJABAT F&O segment का हिस्सा नहीं रहेगा। 29 दिसंबर 2022 को अगर किसी का अनुबंध unsetteld रह जायेगा तो वह डिलीवरी से settle होगा।

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Amara Raja Batteries Share Price

AMARA RAJA BATTERIES LIMITED 25 अक्टूबर को NSE पर 508.80 पर बंद हुआ। इसका 52 हफ्ते का उच्च स्तर 714 और निम्न स्तर 438.05 है। AMARA RAJA Batery बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है, जिसका मुख्य कारोबार Auto Ancillaries sector से आता है।

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UCO Bank और Yes Bank करेंगे रूस के बैंकों के साथ रुपए में ट्रेड सेटलमेंट

रूस के बैंकों के साथ UCO Bank और Yes Bank रुपए में ट्रेड सेटलमेंट करने का प्रारूप बना रहे हैं। ये बात एक सरकारी अधिकारी ने Moneycontrol को अपना नाम ना छापने की शर्त पर बताई।

Uco Bank and Yes Bank

International Trade in INR

11 जुलाई 2022 को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने ये कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अब भारतीय मुद्रा में किया जा सकेगा। उसके कुछ महीने बाद दो भारतीय बैंक एक साथ रशियन बैंकों से इस बारे में बातचीत कर रहे हैं।

UCO Bank Yes Bank to Settle Trade in INR With Russia

ये बात अभी अधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है कि UCO Bank, Yes Bank के साथ मिल कर यह trade settlement के लिए रूस के बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है।

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Big Indian Banks Not Interested

RBI की इस घोषणा के बाद भी किसी बड़े भारतीय बैंक ने रूस के बैंकों के साथ इस तरह की व्यवस्था करने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उनको रूस यूक्रैन में चल रहे संघर्ष के कारण अपने ऊपर प्रतिबंधों लगने का डर था।

How to Settle Trade in INR

रिज़र्व बैंक की 11 जुलाई की घोषणा के अनुसार वैश्विक व्यापार को भारतीय मुद्रा में किया जा सकता है। इसके लिए आयात या निर्यात के सारे इनवॉइस INR में बनाये जा सकते हैं। दो देशों जिनमें की यह व्यापार होगा उनकी मुद्रा की विनिमय दर से इस व्यापार को किया जा सकेगा।

इन व्यापार लेनदेन को settle करने के लिए भारत के अधिकृत बैंकों को जिस देश के साथ व्यापार हो रहा है उस देश के अधिकृत बैंकों में Special Rupee Vostro Account खोलना पड़ेगा।

Why RBI Allowed

अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता के कारण भारत की मुद्रा पर दबाव को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने ये कदम उठाया है। भारत के बढ़ते हुए अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव और भारतीय रूपए को एक अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन की मुद्रा के रूप में स्थापित करने का यह एक प्रयास है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की US यात्रा की खास बातें

निर्मला सीतारमण हाल ही में IMF और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर थी। चूँकि भारत G20 की अध्यक्षता दिसंबर 2022 से एक साल के लिए करने वाला है, इसलिए केंद्रीय मंत्री सीतारमण इस समय में G20 देशों के वित्त मंत्रियों से मिली। यहाँ वह US Treasury Secretary Janet Yellen से मिली। इस दौरान उन्होंने IMF और वर्ल्ड बैंक के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी बैठक की। G20 देशों के वित्त मंत्रियों के साथ साथ अन्य देशों के वित्त मंत्रियों से भी मिली।

सीतारमण की US यात्रा

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण की US यात्रा का उद्देश्य

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने (11 से 16 अक्टूबर 2022 )अमेरिका के वाशिंगटन में दुनिया के कई वित्त मंत्रियों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष अधिकारी से बैठक की। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD), और मनी लॉडरिंग और आंतकवाद की निगरानी करने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के शीर्ष अधिकारी के साथ चर्चाओं में भाग लिया और “भारत की आर्थिक संभावनाएं और विश्व अर्थव्यवस्था में भूमिका” के पक्ष को सबके समक्ष प्रस्तुत किया।

IMF के समक्ष सब्सिडी पर भारत का दृष्टिकोण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IMF की विकास समिति की वाशिंगटन में बैठक के दौरान आग्रह किया कि वर्ल्ड बैंक को सब्सिडी पर अपने एक तरफा दृष्टिकोण से बचना चाहिए। हमें इस बात पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमत बुनियादी सिद्धांतों के साथ अलग अलग जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। हमारे द्वारा दी जाने वाली कृषि, मत्स्य और पेट्रोलियम पदार्थों पर दी जाने वाली सब्सिडी सिर्फ कम आय वाले जरुरतमंदों को दी जाती है।

वर्ल्ड बैंक की तरफ से हमेशा भारत पर दबाव रहता है कि अपनी उर्वरक पेट्रोलियम और कृषि पर सब्सिडी को कम करे। इसी संदर्भ में बात करते हुए वित्त मंत्री ने उज्ज्वला योजना में दी जाने वाली सब्सिडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह से ये गरीब महिलाओं के जीवन स्तर को सुधार रही है।

भारत की विकास दर

11अक्टूबर को IMF ने भारत की वृद्धि दर के अपने जनवरी के अनुमान 8.2 प्रतिशत से घटा कर 6.8 प्रतिशत कर दिया था। IMF ने रुस यूक्रैन के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण सारी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव के कारण विकास दर में कमी की थी।

IMF ने कहा कि कोरोना वायरस की मार से उभरती हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था को, रुस के यूक्रैन पर हमला करने के कारण, बढ़ती हुई खाने पीने की और ऊर्जा की महंगाई दर को झेलना पड़ रहा है। इस महंगाई को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी मुश्किलों को और बढ़ाने वाली है। इस कारण हमें अगले साल की विकास दर के भी गिरने का अनुमान है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) की वार्षिक मीटिंग में कहा कि भारत की विकास दर इस वित्त वर्ष के लिए 7 प्रतिशत के आस पास रहने का अनुमान है, लेकिन हमें वैश्विक विकास और भू-राजनैतिक (geo-political) वातावरण की चिंता है। विकसित देशों में मुद्रास्फीति और ऊर्जा की कमी भी हमारी चिंता में शामिल है।

सुश्री सीतारमण ने भारत के पक्ष को व्यक्त करते हुए कहा कि उनको पता है कि सारी दुनिया की विकास दर के अनुमान को घटाया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि भारत की विकास दर इस वित्त वर्ष के लिए 7 प्रतिशत के आसपास रहेगी। मुझे विश्वास है कि भारत शेष दशक में दुनिया की अपेक्षा ज्यादा विकास दर हासिल करेगा।

महामारी से निपटने की भारत का प्रयास

हमने महामारी की विभिन्न और जटिल चुनौतियों का सामना करते हुए आदर्श रुप प्रस्तुत किया है। सबसे पहले हम वैक्सीन के उत्पादन और टीकाकरण में तेजी लाए और इस महामारी से भारत को मुक्त करने के उद्देश्य को सार्थक करने का प्रयास किया। भारत में हमने 200 करोड़ वैक्सीन की खुराक लोगों को दी, जो कि भारत में ही बनी थी। फिर हमने अपने डिजिटल बुनियादी ढाँचे से सुनिश्चित किया कि राहत सही गंतव्य तक पहुंचे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विकास मोदी सरकार की सबसे ज्यादा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कोरोना महामारी से बाहर निकलती हुई, भारत की अर्थव्यवस्था की गति को बरकरार रखना हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्मला सीतारमण ने देश के विशाल सार्वजनिक वितरण नेटवर्क के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न की उपलब्धता के बारे में भी बताया।

रुपए की गिरावट पर भारत का पक्ष

वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रुपया गिर नहीं रहा बल्कि डॉलर मजबूत हो रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत है और हमारी मुद्रा कई उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। “भारतीय अर्थव्यवस्था के आधार सुदृढ़ होने के साथ Macroeconomic फंडामेंटल भी अच्छे हैं।” रिज़र्व बैंक रुपए को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि वे अनावश्यक अस्थिरता ना हो इस पर ध्यान दे रहा है।

व्यापार घाटे पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह निश्चिंत ही चिंता का विषय है। हमारा निर्यात आयात के मुकाबले कम हो रहा है। हम इस बात पर भी नज़र रख रहे हैं कि किसी एक देश के साथ यह अंतर अधिक न बढ़ जाए।

यूरोप में संघर्ष का भारत पर असर

यूरोप में संघर्ष शुरू होने के बाद हमने सुनिश्चित किया कि खानेपीने का सामान और ईंधन सबको पर्याप्त मात्रा में उपलब्थ हो। इसलिए हमने खाद्य तेल पर आयात शुल्क और ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती की। केंद्रीय बैंक ने भी तत्परता से कार्य करते हुए प्रयास किया कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहे और भारतीय मुद्रा का ह्रास इतनी तेजी से ना हो, जिसके कारण विश्वास का ह्रास हो।

आगामी बजट की चुनोतियाँ

आगामी बजट में हमारे लिए विकास को केंद्र में रखते हुए महंगे ईंधन और मुद्रास्फीति के साथ तालमेल बैठना जरुरी होगा। हमें ध्यान रखना होगा कि महंगे उर्वरक और ईंधन का प्रभाव आम जनता पर ना पड़े। महंगा ईंधन हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या है।

महामारी के इतने बड़े झटके के बाद, यूरोप में संघर्ष के कारण ऊर्जा, खाद और खाने पीने की चीजें प्रभावित हुई हैं। अब इन सब के कारण वैश्विक बाजारों में सख्त मौद्रिक नीतियां अपनाई जा रही हैं । प्राकृतिक रुप से विकास दर की संभावनाएं सब देशों के साथ भारत की भी कम ही हैं। “हम बाहरी कारकों के माध्यम से भी प्रभावित हो रहे हैं” जिसने विकास और मुद्रास्फीति को दो धारी तलवार बना दिया है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की 2022 की अमेरिका की अधिकारिक यात्रा पर कब और किस उद्देश्य से गई थी ?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 से 16 अक्टूबर 2022 को अमेरिका में IMF और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक बैठक में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष अधिकारी से बातचीत करने गयी थी। इस दौरान वह कई अन्य देशों के वित्त मत्रियों से भी मिली।

यूरोप में संघर्ष का भारत पर क्या असर होगा ?

भारत को उर्वरक और ईंधन की बढ़ी हुई कीमत चुकानी पड़ रही हैं। कुछ हद तक खाद्य पदार्थों की महंगाई का असर भी भारत पर पड़ रहा है जिसके फलस्वरूप भारत के व्यापार घाटे पर असर दृष्टिगत हो रहा है।

IMF ने भारत की विकास दर में कमी क्यों की है?

IMF ने यूरोप में चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण बढ़ रहीं मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने की केंद्रीय बैंकों के प्रयास के कारण विश्व के सब देशों का विकास का अनुमान को घटाया है। भारत भी इस वैश्विक संकट से अछूता नहीं है। इसी कारण से, IMF ने भारत की वृद्धि दर के अनुमान को कम किया है।

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Diwali Muhurat Trading Session on Monday, October 24, 2022

शेयर बाजार में हर साल नए संवत की शुरुआत के उपलक्ष्य में Diwali Muhurat Trading का प्रचलन है। संवत 2079 की शुरुआत अक्टूबर 24 2022 को हो रही है। इस दिन व्यापारी अपने नए बही खाते (Account Books) लगाते हैं।

Diwali Muhurat Trading

Diwali Muhurat Trading 2022

Muhurat Trading 2022: शेयर बाजार (NSE और BSE) 24 अक्टूबर 2022 को दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए शाम को एक घंटे के लिए खुलेंगे। BSE और NSE ने Circular जारी कर के इसकी जानकारी दी। Equity, Equity Derivative, Commodity और Currency में शाम 6:15 PM से 7:15 PM तक कारोबार होगा।

Diwali Muhurat Trading Session on Monday, October 24, 2022Start TimeEnd Time
Block deal session17:45 hrs18:00 hrs
Pre Open18:00 hrs18:08 hrs
Normal Market18:15 hrs19:15 hrs
Call Auction Illiquid session18:20 hrs19:05 hrs
Closing Session19:25 hrs19:35 hrs
Trade Modification cut-off time18:15 hrs19:45 hrs
Equity Segment

Table of Timing for Currency and Equity Derivative Segment

Diwali Muhurat Trading Session on Monday, October 24, 2022Time
Normal Market Open18:15 hrs
Normal Market Close19:15 hrs
Trade modification end time19:25 hrs
Currency and Equity Derivative Segment

Table of Timing for Commodity Derivative Segment

Diwali Muhurat Trading Session on Monday, October 24, 2022Time
Normal Market Open18:15 hrs
Normal Market Close19:15 hrs
Set up cut-off time for Position Limit / Collateral value19:25 hrs
Trade modification end time19:25 hrs
Commodity Derivative Segment

Diwali Muhurat Trading Timing

Equity Segment की शुरुआत शाम 6:00 PM से होगी। 6:00 PM से 6:08 PM तक Preopen Session रहेगा। Normal trade की शुरुआत 6:15 PM से होगी। डेरीवेटिव और इक्विटी में यह ट्रेडिंग 7:15 PM तक जारी रहेगी। हर साल दिवाली के मोके पर एक घंटे का छोटा ट्रेडिंग सेशन होता है। इसी तरह से करेंसी और कमोडिटी डेरीवेटिव का भी समय शाम 6:15 PM से 7:15 PM तक निश्चित किया गया है।

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S&P: Indian Economy Growth Rate Outperform Global Economies

S&P Global ने 12 अक्टूबर को कहा की भारत, चीन और इंडोनेशिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जो कि अपनी घरेलू मांग पर निर्भर हैं, की विकास दर (Growth Rate) कम प्रभावित होगी। विश्व अर्थव्यवस्था की गिरती हुई वृद्धि दर और बाहरी मांग का प्रभाव इन देशों के ऊपर भी आएगा।

Insian Economy Growth Rate
Indian Economy Growth Rate

S&P’s Andrew Wood in Indian Growth Rate

S&P Global Ratings के Andrew Wood ने कहा कि भारत को इस समय दुनिया की अशांति, घटते हुए विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाता घाटा (current account deficit) से जूझना पड़ रहा है। बढ़ती हुई मुद्रास्फीति और इसके कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी एक जटिल स्थिति है। यह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में है।

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“India is facing a mixture of factors that may shake its sovereign credit metrics. Amid external turbulence, its foreign exchange reserves are falling, and its current account deficit is rising. Meanwhile, the economy is battling faster inflation and tightening financial conditions both at home and globally,”

Andrew Wood, Sovereign Analyst, S&P Global Ratings sovereign analyst

S&P Decreases Growth Rate Estimates

भारत की मजबूत आर्थिक विकास दर (Growth Rate) इसके उच्च राजकोषीय घाटे और कर्ज के बोझ आपस में संतुलन कायम कर लेते हैं। दुनिया के बाज़ारों में फैली हुई अशांति से यह Growth Rate भारत को बचाती है। S&P Global ने इस साल भारत की विकास दर का 7.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया है। पिछले वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 8.7 प्रतिशत थी।

Indian Forex Reserve

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले साल के 634 बिलियन USD से इस साल 533 बिलियन USD रह गया है। S&P ने भारत के चालू खाते के घाटे (current account deficit) का अनुमान GDP के 3 प्रतिशत का किया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में 1.6 प्रतिशत था।

दुनिया भर में फैली मंदी की आशंका से भारत भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता। इसका असर भारत की Growth Rate पर 2023-24 में दिख सकता है। दुनिया भर में बढ़ती हुई मुद्रास्फीति और उसे नियंत्रण करने के लिए सेन्ट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी भारत के लिए भी कुछ नकारात्मक प्रभाव ला सकती है।

Russia-Ukraine Military Conflict’s Effect on Word Economy

S&P Global के Jose Perez Gorozpe ने कहा कि रूस यूक्रेन में सैन्य संघर्ष के कारण यूरोप में ऊर्जा संकट बढ़ता जा रहा है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ती हुई मुद्रास्फीति के दबाव के कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी बहुत तेजी से करनी पड़ सकती है।

“We see a significant risk that the Russia-Ukraine military conflict drags on, exacerbating Europe’s energy crisis, while at the same time interest rates in developed markets may have to rise even more sharply than in our base case to mitigate broadening inflation pressures,”

Jose Perez Gorozpe, S&P Global Ratings Emerging Markets Head of Credit Research

Europe in Recession

इस कारण से यूरोप में मंदी का प्रकोप काफी गहरा हो सकता है। साथ ही साथ अमेरिका में बेरोजगारी जो कि अपने निम्न स्तर पर चल रही है उसमें वृद्धि हो सकती है।

“This could result in a deeper-than-expected recession in Europe and, to a lesser extent, the US, with a concomitant rise in unemployment from historically low levels,”

Jose Perez Gorozpe, S&P Global Ratings Emerging Markets Head of Credit Research

S&P Global Ratings ने कहा कि इस नकारात्मक परिदृश्य की सम्भावना बढ़ती जा रही है और हमें लगता है कि इस नकारात्मक परिदृश्य की सम्भावना 33 प्रतिशत है। हमें लगता है कि इससे यूरोप में ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी और ऊर्जा की राशनिंग भी करनी पड़ सकती है।

European Banks to Follow US FED

यूरोप के सेंट्रल बैंकों को यूरो के डॉलर के सामने गिरने के कारण और अमेरिकन फेडरल रिज़र्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण अपने यहाँ ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। ब्याज दरें बढ़ाने से यूरोप मंदी में जा सकता है। यूरोप की GDP की Growth Rate 2023 में -1.3 प्रतिशत हो सकती है। यूरोप के देशों में जर्मनी पर इस मंदी का सब से ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। USA की GDP भी 2023 में -0.3 प्रतिशत तक गिर सकती है।

Worst Emerging Economies

उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में मेक्सिको जो कि लैटिन अमेरिका की एक विकासशील अर्थव्यवस्था है सब से ज्यादा प्रभावित होगी। यूरोप में पोलैंड की भी इसी प्रकार की स्थिति रह सकती है,क्योंकि वे भी एक विकासशील अर्थव्यवस्था है। इस सब के पीछे भी ऊर्जा पर व्यय ही मुख्य कारण है।

S&P Global ने कहा कि, जर्मनी और UK ने पिछले कुछ हफ्तों में काफी बड़े राहत के उपाय किए हैं, जिस कारण हमारे अनुमानों में फर्क आ सकता है। क्योंकि हमारे अनुमानों में इन राहत पैकेज के प्रभाव को शामिल नहीं किया गया।

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